बचपन से लेकर अब तक हम सब ने कई सारी कहानियाँ सुनी है। कहानियाँ हमे सही मार्ग दिखती है। कहानियाँ हमे जीवन की वास्तविकता से रूबरू कराती है। आप ने अब तक कई सारी कहानियाँ सुनी होंगी, मगर कहानी की कहानी शायद आप नहीं जानते होंगे। हेमंत शर्मा ने अपनी पुस्तक `एकदा भारतवर्षे ʼ में ऐसी ही कुछ अनोखी कहानियों से हमे रूबरू करवाया है। यह पुस्तक भारतीय संस्कृति का संपूर्ण दस्तावेज है। जहाँ पुराण हैं, उपनिषद् हैं, लोक और शास्त्र हैं, गली चौराहे की बाते हैं, राजमहल हैं, और मिथकीय चित्र भी है। हेमंत शर्मा के लेखन की खासियत है कि वह बहुत ही दिलचस्प अंदाज में गहरी से गहरी बात कहने और उसे किस्सागोई शैली में पेश करते हैं। 

 

पुस्तक का आरंभ होता है –  “कर भला” शीर्षक से। संस्कृत के कवि से लेकर तुलसीदास तक सबने यही कहा – सबसे पहले दूसरो का भला करे। इस पुस्तक में 144 कहानियाँ है। यह सारी कहानियाँ काफी छोटी – छोटी है मगर अपने आप में मुक्कमल है। हर कहानी के जरिये एक संदेश दिया गया है। ‘अप्प दीपो भव’ की कहानी के जरिये बताया गया है की ‘अंधकार को कोसने से कहीं अच्छा है एक दीपक जला लिया जाए। सुभाषचंद्र बोस के जीवन के एक रोमांचक किस्से के जरिए संकट मे विवेक रखने का संदेश दिया गया है।`अपराजित कौनʼ में आज के दौर के लिए कहा गया है की लोकतांत्रिक बनें ,विद्वता का आदर करे और बुजुर्गों का सम्मान करें तो पराजित नहीं होंगे। 

 

सार- यह पुस्तक कई सारी अनोखी कहानियों का संग्रह है जैसे की ‘स्वादिष्ट उलझन’ इस कहानी मे जलेबी से जुड़े इतिहास का उल्लेख किया गया है ‘अक्लमंद कित्ता’ इस कहानी मे कुत्ते की चतुराई दिखाई गयी है और ऐसी कई  सारी कहानियाँ है जो आपको वास्तविक जीवन की सच्चाई दिखाने के साथ आप का मनोरंजन भी करवाती है।

 

यह पुस्तक वास्तव में गंगा की धारा की तरह हमारे मानसिक संताप का परिष्कार करने वाली है। यह पुस्तक हर कदम पर आधुनिकता के चश्मे से परम्परा और संस्कृति में से उठाए जाने वाले सवाल है जो हमारी विचार प्रक्रिया में शामिल हो कर जिंदगी को सही अर्थ देते हैं। किसी भी प्रसंग पर विभिन्न मान्यताओं परंपराओं धार्मिक विश्वास तथा संस्कृति के विभिन्न पहलुओं में से सामान्य चीज एक जगह लाकर पाठ का स्वरुप देना इस पुस्तक में बखूबी दर्शाया गया है ।