भारत में बहुत से ऐसे खेल हैं जिनके खिलाडी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बड़ा रहे है पर इन खेलों के बारे में भारत में ही बहुत कम लोग जानते हैं |क्रिकेट , हॉकी , बैडमिंटन,टेनिस ,के बारे में तो भारतीय लोग जानते ही है और इनके विख्यात खिलाडियों के नाम से भी वे परिचित है | पर अब वक़्त है जानने का कुछ ऐसे खेलों को जानने का जिनके बारे में शायद हमें पता न हो | यह वह खेल है जिनमें हमारे खिलाड़ी ‘टोक्यो ओलंपिक्स’ २०२१ में  भारत का प्रतिनिधित्त्व  कर  रहे है| ऐसे में हमें इन अद्भुत खेलो और खिलाड़ियों के बारे में पता होना चाहिए|

 

गोल्फ़: भारत में गोल्फ़ एक खेल के रूप में पैसे वाले वर्ग तक ही सीमित है|ज्यादातर गोल्फ़ क्लब निजी हाथों में है इसीलिए इसे महंगा माना जाता है| भारत में अभी भी इस खेल को विकसित होने में कुछ समय लगेगा | इस बार गोल्फ में भारत का प्रतिनिधित्व ‘अदिति अशोक ‘ कर रही है | अदिति ने २०१६ के ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था | 

 

घुड़सवारी : भारत में घुड़सवारी का इतिहास सुनहरा रहा है परन्तु खेल के रूप में इसका अस्तित्व कभी इतना निखर के नहीं आया | भारत ने इस वर्ष से पहले घुड़सवारी में सिर्फ दो बार ही हिस्सा लिया है |फोआद मिर्ज़ा आज तक के ऐसे तीसरे ही घुड़सवार है जिन्हें ओलिंपिक में भारत की तरफ से जगह मिली है |फोआद ने भारत का  ओलिंपिक में घुड़सवारी का दो दशकों का इंतज़ार ख़त्म किया है ,इसीलिए उन पर सभी की नज़रें है |

 

रोइंग: यह नौकायन है , जिसमे मल्लाहों से नाव को आगे बढाया जाता है | यह मल्लाह नाव से जुड़े हुए होते है| भारत में रोइंग की शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी |भारत ने  रोइंग में आज तक एक भी ओलिंपिक पदक नहीं जीता| इस बार अर्जुन लाल जाट एवं अरविन्द सिंह भारत का रोइंग में प्रतिनिधित्व करेंगे|

 

फेंसिंग: यह खेल तलवारबाजी का ही एक स्वरुप है | इसे एक विशेष तरह की पोषक पहन कर ही खेला जाता है | यह तीन भागो में बटा होता है |भवानी देवी , भारत से पहली खिलाड़ी है जो फेंसिंग में अपनी जगह ओलिंपिक में बना पाई है | टोक्यो ओलिंपिक में उन्हें देखने का एक ख़ासा उत्साह है|

 

सेलिंग: यह नौकायन हवाओं के साथ नौका को चलाने की कला है |इसमें बहुत सी स्पर्धाएं है | यह वर्ष भारत के लिए सेलिंग के नजरिये से ऐतिहासिक है |इस वर्ष भारत के चार सेलर ओलिंपिक के लिए चुने गए है | वरुण ठक्कर,विष्णु सरवनन, गणपति चेंगप्पा ,और साथ ही नेत्रा कुमानन पहली भारतीय महिला सेलर बन गयी है जिन्होंने ओलिंपिक में अपनी जगह बनाई है | 

 

इन सभी खेलों के बारे में जानकर हम नए खिलाडिय़ों का सम्मान कर पाएंगे और अपने देश में नए खेलों को आगे बढने में सहयोग करेंगे |