इस साल 21 जून 2021 को फिर योग दिवस उसी उत्साह और उल्लास से मनाया जाएगा। हर साल योग दिवस अलगअलग थीम के आधार पर मनाया जाता है। बी विद योग, बी एट होम इस साल 2021 योग दिवस की थीम है ,यानीयोग के साथ रहें, घर पर रहें। पिछले साल 2020 की थीम थी– ‘घर में रहकर योग करें

यह भी किसने सच ही कहा हैहेल्थ इस वेल्थयानी  ‘स्वास्थ्य ही धन हैऔर इस धन की असली पहचान हमें इस महामारी में हुई। योग का निवास हमारे  तन मन में आज से नहीं है, बल्कि इसकी  सुरुवात लगभग 5000 साल पहले हुई थी, मानसिक, शारीरिक एवं अध्यात्म के रूप में लोग प्राचीन काल से ही इसका अभ्यास करते रहे हैं। योग की उत्पत्ति सर्वप्रथम भारत में ही हुई थी। इसके बाद यह दुनिया के अन्य देशों में लोकप्रिय हुआ। लेकिन कहीं ना कहीं हम योगा और उसके उपकारो को भूल से गये थे । लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हम भारतीयों को एक और मोका दिया की हम हमारे संसकृति और योग से जुड़े। सयुंक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितम्बर 2014 को उन्होंने योग की पहल की इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 11 दिसम्बर 2014 को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मंजूरी मिली।पहली बार 21 जून 2015 को यह दिन योग दिवस के रूप में मनाया गया

योग का असली महत्व और उसका हमारे शारिर में होने वाले हर रोगो को जड़ से निकालने कीक्ती का एहसास हमे  इस  महामारी के समय हुआ। रोग चाहे कितना भी बड़ा क्यों ना हो, योगा और वयायाम करने से काफी हद तक रोग मुक्त हो सकते है।

 

 

योग ही जीवन है 

कोरोना की दूसरी लहर में कई  लोगो को सास की कमी  की वजह से अपनी जिन्दगी से हार मानना पड़ा। लेकिन योग में इसका भी इलाज है। स्वामी रामदेव के मुताबिक भस्त्रिका प्राणायाम,कपालभाति प्राणायाम,उज्जायी प्राणायाम,नाड़ी शुद्धि प्राणायाम  को रोजाना करने से हाइपरटेंशन, अस्थमा, हार्ट संबंधी बीमारी, टीवी, ट्यूमर, बीपी,  लिवर सिरोसिस, साइनस, , खून की कमी, हार्ट का ब्लॉकेज, माइग्रेन, अनिद्रा और फेफड़ों के लिए भी लाभकारी माना गया है।

योग गुरु

जैसे एक छात्र को एक शिक्षक,कलाकार को एक गुरु की जरुरत होती है उसी तरह योगा मै भी योग गुरु होते है।

भारत में ऐसे कई सर्वश्रेष्ठ गुरु है। जैसे बिक्रम चौधरी ने पूरी दुनिया में बिक्रम योग  को मशहूर किया है। बिक्रम योग का अभ्यास 40 डिग्री तापमान वाले गर्म कमरे में किया जाता है। बिक्रम योग का एक सत्र 90 मिनट का होता है।

बाबा रामदेव ने पूरी दुनिया में कपालभाति और अनुलोमविलोम का काफी प्रचार किया है। उन्होंने ही पूरी दुनिया को इस बात की अहमियत को समझाया कि योग आम आदमियों के लिए भी हैं , सिर्फ योगियों योगियों  के लिए ही नहीं है।  

ऐसे और कई सारे गुरु हैं जिन्होंने हमें योग का महत्व बताया है। 

जिस योग से हमारी  जिंदगी मै शान्ति, शक्ति, ज्ञान प्राप्ति , तनाव नष्ट जैसे आदि लाभ  होते है। फिर भी हम सब योग से दूर क्यों ? आएये मिलकर योग से जुड़े |

 

आएये मिलकर योग से जुड़े |