शिशिर शर्मा बड़े पर्दे और छोटे पर्दे  के बहुत चर्चित चेहरे है , उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की जहाँ धीरे-धीरे उन्होंने बड़े पर्दे पर भी कई किरदार निभाना आरम्भ किया । वक्त के परिवर्तन के साथ ही OTT पर भी उन्होंने अभिनय करना आरम्भ किया है । वह मुख्य रूप से धारावाहिकों में अपने सराहनीय प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, जिसमें “घर की लक्ष्मी बेटियाँ” और अन्य शामिल हैं। कई सारी बॉलीवुड की प्रख्यात फ़िल्मों में भी इन्होंने अपने अभिनय के द्वारा एक पहचान बनायी है जिसमें उरी , राज़ी , फ़ना, दंगल जैसी फ़िल्मों का नाम शामिल है । साथ ही साथ शॉर्ट फ़िल्मों के द्वारा भी युवाओं के मध्य एक पहचान बनाए है ।लॉकडाउन  में युवाओं को मोटिवेशनल स्पीच के द्वारा इन्होंने आगे बढ़ने और निराश ना होने के बारे में बात की जिसमें ऑनलाइन प्लाट्फ़ोर्म के द्वारा चर्चा कर उन्हें सही राह प्रदान की ।

प्रश्न : इस इंडस्ट्री में आपने पहला कदम किस तरह से रखा,

क्या पहले से ही आना तय था या तक़दीर में यह लिखा था ? 

उत्तर: कहा जाए तो मेरे पिताजी का स्वयं का व्यवसाय था , और इस इंडस्ट्री में आने का कोई विचार नहीं था , पर शुरुआत हुई थियेटर  से और वक्त के साथ आगे बढ़ने लगे और पहला शो मिला स्वाभिमान जिसके लिए 25 एपिसोड के शूट की बात हुई और यह सफ़र आगे चल पड़ा। 

प्रश्न:युवा पीढ़ी फ़िल्मी दुनिया की चकाचौंध को देख कर आकर्षित हो जाति है ओर बिना सोचे समझे वही जाना चाहती है पर वहाँ के संघर्ष के बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं होता इसके बारे में आपका क्या कहना है ?

उत्तर: युवा पीढ़ी अगर इस इंडस्ट्री में आना चाहती है तो सबसे पहले इस इंडस्ट्री की गहराई को समझना बहुत ज़रूरी है , कभी कभी काम नहीं भी होता है , तो उस वक्त निराश ना होकर सब्र से काम लेना पड़ेगा । अगर युवा पीढ़ी इस इंडस्ट्री में आना चाहती है तो उसके लिए सब्र का होना बहुत ज़रूरी है अन्यथा इस इंडस्ट्री में बने रहना बहुत मुश्किल है । 

प्रश्न: लोक डाउन के दौरान आपने कोई प्रयोग किया था की सभी कलाकार अपने अपने घर पर रहकर ही अभिनय करें और उस से एक फिल्म बनाई जाए, इस के बारें में आप अपना कोई अनुभव साझा करेंगे?

उत्तर : जी बिलकुल ,हमने घर पर रहकर मोबाइल के ज़रिए एक फ़िल्म बनायी थी जिसका निर्देशन शिल्पा कृष्णनन शुक्ला ने किया था जो ऑनलाइन डेटिंग से जुड़ी है , और इसी बीच फ़ोन के द्वारा शूटिंग करने का नया अनुभव भी मिला । 

प्रश्न: OTT प्लैट्फ़ॉर्म पर आने वाले अनेक वेब सीरीज़ में सेंसरशिप के कोई माप दंड नहीं हैं, इस पर आप के क्या विचार है?

उत्तर: अगर कहा जाए तो सेंसरशिप होना बहुत ज़रूरी है क्यूँकि माता पिता को यह पता ही नहीं होता कि बच्चा अपने फ़ोन , लैपटॉप में क्या देख रहा है ?जो चीज़ नहीं देखनी चाहिए वो भी बच्चों द्वारा देखी जा रही है तो इसको देखते हुए मेरा यह मानना है की सेंसरशिप होनी चाहिए ।

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