फिल्मकारों का यह युग पितृसत्ता को उखाड़ने और समानता के लिए खड़े होने को तैयार है |   निम्नलिखित फिल्मों में, पितृसत्तात्मक समाज में एक ‘ सशक्त महिला ‘ होने की असली चुनौतियों को बखूबी दर्शाया गया है |यह फिल्में  हम सभी को कुछ कई सूक्ष्म बातें समझाती है , यह फिल्में एवं वेब सीरीज़ कहानियों के तौर पर  दिखाई जाती है,पर अपनी एक अलग ही छाप छोड़ती है।

शेरनी -जंगलों में बनी , यह फिल्म हमें एक शेरनी को पकड़ने की यात्रा का अनुभव करवाती है|एक महिला वन अधिकारी इस मिशन पर जाती है और रोमांच और चुनौतियों से भरे एक सफर पर दर्शकों को ले जाती है| देखें, कितनी होशयारी से  यह अधिकारी मिशन पर काम करती है| यह फिल्म  ऐमज़ान प्राइम पर देखी जा सकती है |

स्केटर गर्ल-यह एक भारतीय ग्रामीण लड़की के सपनों पर आधारित फिल्म है । और  स्केटबोर्ड के प्रति उसकी दीवानगी को दर्शाती है । यह फिल्म  दिलचस्प है और फिल्म निर्माण का एक अच्छा स्वरूप  है|आप नेटफ्लिक्स पर इसे देख सकते हैं |

मैडम चीफ मिनिस्टर- राजनीति में प्रवेश करने वाली और मुख्यमंत्री बनने के सफर पर निकली एक महिला के बारे में यह फिल्म है|यह फ़िल्म आपको   नया नज़रिया देती है और दिखाती है कि समाज एक महिला को कैसे देखता है और  साथ ही बहुत सी चुनौतियाँ देता है ,हर उस महिला को जो एक अलग रास्ता तय करती है|आप इस फ़िल्म  को नेटफ्लिक्स पर देख सकते है |

ग्रेट इंडियन किचन  -यह एक मलयालम फिल्म है जो इस बारे में बताती है कि कैसे एक महिला, एक गृहिणी के सामाजिक ढांचे में ढलने  की कोशिश करती है और  वक़्त के साथ ऐसा  समझती है कि  वह ऐसे नहीं जीना चाहती है | यह फ़िल्म देख  दर्शकों को  गृहिणियों  को देखने का नया नज़रिया मिलता है  | यह  सच में  एक पुरुष प्रधान समाज में एक विवाहित महिला होने के कुछ वास्तविक पहलुओं को उजागर करती है| अमेज़न प्राइम पर यह फ़िल्म देखी जा सकती है |

महारानी- यह बिहार पर आधारित एक राजनीतिक वेब सीरीज़ है|यह  सीरीज़ दिखाती है कि राज्य में पहली बार महिला मुख्यमंत्री बनने पर किस तरह एक पहाड़ टूट जाता है|  साथ ही यह भी सामने आता  है, महिलाओं के लिए मर्दों के बीच में काम करना कितना मुश्किल है| सोनी लिव पर यह वेब सीरीज़ उपलब्ध है |

साइना- यह स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ‘साइना नेहवाल’ की बायोपिक है |यह साइना नेहवाल के विश्व न. 1 खिलाड़ी बनने से लेकर अन्य उपलब्धियों और उनकी राह में आयी सभी  मुश्किलों   को दर्शाती है| यह फिल्म मजबूत और समर्पित महिलाओं का चित्रण है, और कई मायनों में सभी को प्रेरित करती है| इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है|

आइए फिल्म निर्माण की इस सुन्दर कला से सीखें महिलाओं को  समानता  और  आदर की नज़रो से देखना| 

2021 में बदलने लगे सिनेमा के मायने अब पितृसत्ता से बना महिला सशक्तिकरण का युग , जो सिखाए महिलाओं को समानता और आदर की नज़र से देखना।