Category: Poetry

सुकून दे जाता है

नसीब हमेशा साथ नहीं देता है, कभी हँसाता है तो कभी रुला जाता है। मगर तू मुझे नसीब पे नहीं खुद पे यकिन् दिलाता है। दिन भर की थकान के बाद तुजसे लिपट ना अलग सुकून दे जाता है । जब भी उम्मीद छोड ने लगती हूँ , हर आशा निराशा में बदल...

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Poem

मज़हब ” तेरा आना यहां तय था, नहीं दिया तुझे किसी मज़हब ने, खुदा तेरा कोई और है, जिसने दिया...

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जज़्बात तेरे

जज़्बात तेरे, जज़्बात मेरे ख़ामोशी की चादर ओढ़े रात के अँधेरे में तारों की मौजूदगी में तू बारिश की...

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