जांबाझ

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एक शब्द में उनकी तारीफ करना बड़ी मुश्किल है,

बाऊजुद उनको शब्दों में बांधू यह नहीं मुमकिन है,

जीते है वे अपना जीवन बिना किसी स्वार्थ के

तभी लाख – करोड़ लोग घर पे आराम से सोते है|

दिन हो या रात, सुब हो या शाम, कुछ नहीं उनके लिए

चट्टान बन के वे हरपल, हर लम्हे करते है,सुरक्षा हमारी

मुसीबतों से रखते है कोसो दूर हमें |

उन मां ओ को मेरा दिल से सलाम है,

जिन्होंने कर दिये कुर्बान अपने जवान बेटे

देश के नाम, ना जाने उन मां ओ का दिल कितना बड़ा है |

ये बात है हमारे जांबाझ आर्मी जवानों की

देखा मैंने जब भी अपने झंडे को वे हरपल कहता है,

वे मुझसे ना होती मेरी इतनी इज्जत आज अगर

सरहद पे खड़े होकर  नहीं करते सुरक्षा मेरी, देखे है

मैने रंग बदलते  हुए मौसम को पर नहीं देखा  जवानो  के

बदलते हुए झलक चेहरे की ये उनका झंडे के लिए सलाम है।

जय हिन्द । भारत माता की जय ।

 

By Aditya Singh

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